अमरीश पुरी

अमरीश पुरी का जीवन परिचय, उम्र, संपत्ति, और परिवार के बारे में जानें

बॉलीवुड फिल्मों में अपने बेहतरीन विलेन के किरदार के लिए पूरे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में प्रसिद्ध दिवंगत अभिनेता अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पंजाब में हुआ था लेकिन 12 जून 2005 को यह अभिनेता इस दुनिया को अलविदा कह के चला गया और इन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय और बुलंद आवाज के कारण बॉलीवुड में एक अलग छाप छोड़ी जिनके बिना पूरा बॉलीवुड सूना सूना लगता है।

अमरीश पुरी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पंजाब के अलग-अलग स्कूलों में पूरी करने के बाद शिमला के कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की थी।

अमरीश पुरी ने अपने बेहतरीन अभिनय के दम पर बॉलीवुड के साथ ही राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं और उन्हें अनिल कपूर की मशहूर फिल्म मिस्टर इंडिया में मुगैम्बो के किरदार के लिए काफी पहचान मिली थी और आज भी लोग उन्हें मुगैम्बो के नाम से जानते हैं।

27 दिसंबर 2004 को अमरीश पुरी की तबीयत अचानक खराब हो गई जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और उन्होंने 12 जनवरी 2005 को अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया।

ऊंचाई एवं शारीरिक दक्षता

बॉलीवुड के इस दिवंगत अभिनेता की लंबाई 178 सेंटीमीटर और इनका वजन 70 किलोग्राम के आसपास था अमरीश पुरी की आंखों का रंग ब्राउन था जिसकी वजह से वह नेगेटिव किरदार में काफी खतरनाक नजर आते थे।

माता-पिता एवं परिवार

अमरीश पुरी के पिता का नाम लाल निहाल चंद पूरी था और इनकी मां का नाम वेद कौर था अमरीश पुरी के दो बड़े भाई हैं जिनका नाम चमन पुरी और मदन पुरी था और यह दोनों ही मशहूर अभिनेता थे उनका एक छोटा भाई भी था जिसका नाम हरीश पुरी है, अमरीश पुरी की एक छोटी बहन थी जिनका नाम चंद्रकांता था।

वैवाहिक जीवन

अमरीश पुरी ने 1957 में उर्मिला देवी का के साथ शादी किया था और इन दोनों के दो बच्चे हैं इनके बेटे का नाम राजीव है और इनकी बेटी का नाम नम्रता है जो बेहद खूबसूरत है।

फिल्मी करियर

450 फिल्मों में बेहतरीन अभिनय करने वाले अमरीश पुरी 1950 में मुंबई एक अभिनेता बनने का सपना लेकर आए थे क्योंकि उस समय उनके दोनों भाई बॉलीवुड में निगेटिव किरदार निभाने के लिए काफी मशहूर थे हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली इसलिए उन्होंने किसी कंपनी में प्राइवेट नौकरी करना शुरू कर दिया था।

1982 में सुभाष घई की मशहूर फिल्म विधाता में अमरीश पुरी को मुख्य विलेन का किरदार निभाने का मौका मिला जिसके बाद उन्होंने दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन की मशहूर फिल्म शक्ति में भी एक विलेन का किरदार निभाया जो 1983 में रिलीज हुई थी।

सुभाष घाई ने उनके बेहतरीन अभिनय को देखकर एक बार फिर अपनी अगली फिल्म शक्ति में उन्हें विलेन का किरदार दिया जो काफी मशहूर हुआ था यह फिल्म शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म थी इस दौरान बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों में अमरीश पुरी को मुख्य विलेन का किरदार मिला और वह हर फ़िल्म निर्माता की पहली पसंद बन गए थे, लेकिन अनिल कपूर की फिल्म मिस्टर इंडिया में उनके द्वारा निभाया गया मोगैंबो का किरदार इतना फेमस हुआ कि अमरीश पुरी रातों-रात स्टार बन गए जिसके बाद उन्होंने अनिल कपूर की ही फिल्म मेरी जंग में काफी अच्छा विलेन का किरदार निभाया तो बहुत ही पसंद किया गया था।

सनी देओल की सुपरहिट फिल्म दामिनी में अमरीश पुरी एक वकील के किरदार में नजर आए हालांकि यह किरदार भी नेगेटिव था लेकिन दर्शकों को यह बहुत पसंद आया था। अमरीश पुरी ने केवल विलन का है किरदार नहीं निभाया और उन्होंने फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे में काजोल के पिता का काफी अच्छा किरदार निभाया है जो बहुत फेमस हुआ था।

इसके अलावा उन्होंने कई और फिल्मों में निगेटिव किरदार से हटकर भी रोल निभाए जिसमें घातक, फूल और कांटे, विरासत, परदेस, चाइना गेट जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल थी।

अवॉर्ड्स

1986 में अनिल कपूर की मशहूर फिल्म मेरी जंग में अमरीश पुरी ने एक नेगेटिव किरदार निभाया था और इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड मिला था, 1997 में सनी देओल की मशहूर फिल्म घातक के लिए अमरीश पुरी को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड प्राप्त हुआ। इसके बाद अनिल कपूर की फिल्म विरासत के लिए अमरीश पुरी को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवार्ड मिला था और यह फिल्म 1998 में रिलीज हुई थी।

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