प्रवीण कुमार

महाभारत के ‘भीम’ प्रवीण कुमार के निधन का हुआ खुलासा, तंगहाली से गुजर रहे थे आखिरी वक्त में

अभी हाल ही में 6 फरवरी को बॉलीवुड की मशहूर पार्श्व गायिका और भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर का निधन हो गया जिसके बाद पूरा बॉलीवुड सदमे में हैं। अभी इस सदमे से बॉलीवुड उबरा भी नहीं है कि खबर आई है कि बी आर चोपड़ा के मशहूर टेलीविजन धारावाहिक महाभारत में पांडव पुत्र भीम का किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता प्रवीण कुमार सोबती का निधन हो गया है। प्रवीण कुमार सोबती ने हिंदू पौराणिक ग्रंथ महाभारत की कहानी पर आधारित धारावाहिक महाभारत में भीम का किरदार निभाया था और वह अपने इस किरदार के माध्यम से लोगों के बीच काफी मशहूर थे।

महाभारत के भीम उर्फ प्रवीण कुमार की मृत्यु कैसे हुई?

प्रवीण कुमार ने पिछले साल दिसंबर में एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वह हड्डियों की बीमारी से काफी लंबे समय से परेशान है जिसके कारण ही वह ज्यादातर घर में रहते हैं और उन्हें भोजन में बहुत ज्यादा परहेज करना पड़ता है। प्रवीण कुमार की मृत्यु के पश्चात पूरा टेलीविजन जगत और बॉलीवुड सदमे में है प्रवीण कुमार ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया है और वह फिल्मों में ज्यादातर नेगेटिव किरदार में नजर आते थे। प्रवीण कुमार अपने लंबाई और कद काठी के लिए बहुत फेमस थे प्रवीण कुमार सोबती की लंबाई 6 फिट थी जिसके कारण बी आर चोपड़ा ने उन्हें धारावाहिक महाभारत में भीम का किरदार निभाने के लिए पसंद किया था और उनके द्वारा निभाया गए भीम के किरदार को लोगों ने बहुत पसंद किया था और उनके दमदार आवाज के कारण धारावाहिक महाभारत में भीम का किरदार जीवंत हो गया।

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प्रवीण कुमार सोबती एक अच्छे कलाकार के साथ ही बहुत अच्छे एथलेटिक भी थे और वह डिस्कस थ्रो के काफी अच्छे खिलाड़ी थे। प्रवीण कुमार सोबती ने कॉमनवेल्थ गेम का भी प्रतिनिधित्व किया था और वह दो बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे प्रवीण कुमार सोबती ने कई गोल्ड और सिल्वर मेडल भी जीते हैं।

खेल में उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए 1967 में भारत सरकार द्वारा उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था बाद में उन्हें अपने खेल के कारण ही बीएसएफ में नौकरी भी मिली थी। प्रवीण कुमार सोबती मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे और उन्होंने अपने रीढ़ की हड्डी में होने वाले तकलीफों के कारण खेल को अलविदा कह दिया था जिसके बाद वह बॉलीवुड में फिल्मों में नजर आने लगे।

6 दिसंबर 1947 को पंजाब में जन्मे प्रवीण कुमार सोबती ने एशियन गेम में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है और वह पांच बार एशियन गेम में खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने बहुत बेहतरीन प्रदर्शन किया है। प्रवीण कुमार सोबती ने मात्र 20 साल की उम्र में बीएसएफ ज्वाइन कर लिया था और उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वह पंजाब सरकार से बेहद नाराज हैं क्योंकि उन्हें खेल में इतना अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी किसी भी प्रकार का पेंशन नहीं दिया गया। प्रवीण के अनुसार पंजाब से निकलने वाले ज्यादातर खिलाड़ियों को पेंशन दिया जाता है लेकिन उन पर सरकार ने कोई मेहरबानी नहीं की और उन्हें पेंशन नहीं दिया जाता था हालांकि उन्हें बीएसएफ से रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलता था।

प्रवीण कुमार
प्रवीण कुमार

प्रवीण कुमार पॉलिटिक्स में भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं और उन्होंने 2013 में आम आदमी पार्टी की तरफ से टिकट मिलने पर इलेक्शन भी लड़ा था, हालांकि उन्हें उस में पराजय का सामना करना पड़ा बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर लिया था।

उन्होंने फिल्म रक्षा से जितेंद्र के साथ फिल्मी कैरियर की शुरुआत की जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्हें एक से एक बड़ी फिल्मों में अभिनय करने का मौका मिला, वह ज्यादातर फिल्मों में विलेन का किरदार निभाते थे उन्होंने फिल्मों में कई अलग अलग तरीके का किरदार भी निभाया है‌।

प्रवीण कुमार ने दूरदर्शन के प्रसिद्ध धारावाहिक चाचा चौधरी में भी भूमिका निभाई थी जिसके लिए उनकी काफी तारीफ की जाती थी।

आज प्रवीण कुमार इस दुनिया को छोड़ कर चले गए लेकिन उन्होंने एथलेटिक्स, पॉलिटिक्स और अभिनय के क्षेत्र में अपनी ढेर सारी पहचान को बनाए रखा और लोग उनके द्वारा निभाए गए भारतीय फिल्मों में किरदार के लिए हमेशा याद रखेंगे। इसके अलावा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित इस एथलेटिक को भारतीय खेलों में दिए गए अपने योगदान के लिए भी हमेशा याद किया जाएगा।

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